गुरु-चेला विवाद में किन्नर की हत्या, पुलिस ने आरोपी को कुछ घंटों में किया गिरफ्तार

Bilaspur. बिलासपुर। जिले के सकरी थाना क्षेत्र में किन्नर समाज की गुरु-चेला परंपरा को लेकर हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। विवाद के बाद एक किन्नर की कथित रूप से गला दबाकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी किन्नर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि घटना के पीछे गुरु-चेला प्रथा को लेकर हुआ विवाद मुख्य कारण था। पुलिस के अनुसार, सकरी थाना में अपराध क्रमांक 684/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के अंतर्गत हत्या का मामला दर्ज किया गया था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और कुछ ही घंटों में आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक तन्नू खान, वर्षा जान और मीरा उर्फ आशीष आपस में गुरु भाई थे। वर्षा जान 17 जुलाई को दिल्ली से बिलासपुर आई थी। बिलासपुर पहुंचने के बाद तन्नू खान ने उसे पुराने बस स्टैंड स्थित एक होटल में ठहराया था। 20 जुलाई को तन्नू खान, वर्षा जान और मीरा उर्फ आशीष किसी काम से जोकी स्थित मीरा के घर जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी मुलाकात रिया उर्फ राकेश उम्र 24 वर्ष निवासी सेमरचुवा जिला मुंगेली से हुई। इसके बाद मीरा रिया को अपने घर साथ ले गई। पुलिस जांच के अनुसार, कुछ समय बाद तन्नू खान और रिया स्कूटी से तालापारा स्थित अस्पताल गए थे।वहां से लौटते समय दोनों शराब और मछली लेकर मीरा के घर पहुंचे। घर पर चारों लोगों ने साथ बैठकर खाना खाया और शराब का सेवन किया। इसी दौरान किन्नर समाज की गुरु-चेला परंपरा को लेकर चर्चा शुरू हो गई। पुलिस के मुताबिक, बातचीत के दौरान तन्नू खान ने रिया से अपना गुरु बनने और समाज की परंपरा के अनुसार आर्थिक योगदान देने की बात कही। इस पर रिया ने इनकार कर दिया। रिया ने कथित तौर पर कहा कि वह किसी का चेला नहीं है और उसका कोई गुरु नहीं है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर मौजूद मीरा और वर्षा जान को बीच-बचाव करना पड़ा। दोनों ने विवाद शांत कराने की कोशिश की।मामला शांत नहीं होने पर मीरा और वर्षा ने अपने गुरु राजा किन्नर से फोन पर बातचीत भी कराई, ताकि विवाद को खत्म किया जा सके। हालांकि इसके बाद भी दोनों के बीच तनाव बना रहा। इसके बाद तन्नू खान और रिया पैदल जोकी से तालापारा की ओर निकल गए। कुछ समय बाद दोनों का संपर्क टूट गया। तन्नू खान का मोबाइल फोन भी बंद हो गया। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची और जांच शुरू की गई। पुलिस ने जांच के दौरान संबंधित लोगों से पूछताछ की और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। पूछताछ में आरोपी रिया उर्फ राकेश ने पुलिस के सामने कथित रूप से अपना अपराध स्वीकार किया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि गुरु-चेला विवाद के चलते उसने 21 जुलाई की रात एनएच-130 स्थित दलदलिहापारा बस स्टॉप के पास तन्नू खान का गला दबाकर हत्या कर दी।पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन, चप्पल, चार्जर और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस ने मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी रिया उर्फ राकेश को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या जैसे गंभीर अपराधों में किसी भी प्रकार के विवाद को हिंसा का रूप देना कानूनन अपराध है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस की मदद लें। बिलासपुर के इस मामले ने किन्नर समाज के भीतर चलने वाली गुरु-चेला परंपरा और उससे जुड़े विवादों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके।
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