आईईआरटी काउंसलिंग: सामान्य-ओबीसी बालक वर्ग की सीटें फुल:अब दिव्यांग, सैनिक व एससी-एसटी वर्ग की कुछ सीटें ही शेष
इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड रूरल टेक्नोलॉजी (आईईआरटी) के 13 इंजीनियरिंग कोर्सेज में दाखिले के लिए चल रही काउंसलिंग प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है। शुक्रवार को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सामान्य और ओबीसी बालक वर्ग की सभी सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं। बालिका वर्ग में भी अधिकांश सीटों पर प्रवेश मिल चुका है। संस्थान की कुल 975 इंजीनियरिंग सीटों में से अब तक 767 सीटों पर प्रवेश हो चुका है। अब केवल 208 सीटें ही शेष बची हैं। इनमें मुख्य रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), दिव्यांग और मिलिट्री वार्ड (MW) जैसी उप-श्रेणियों की सीटें शामिल हैं। प्रवेश परीक्षा का परिणाम 7 जुलाई को घोषित किया गया था, जिसके बाद 25 जुलाई से काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हुई थी। इस प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश की स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। शाखावार सीटों की बात करें तो प्लास्टिक टेक्नोलॉजी में सर्वाधिक 39 सीटें खाली हैं। इनमें सामान्य बालिका वर्ग की 5, ईडब्ल्यूएस की 8, ओबीसी की 4 और एससी वर्ग की 11 सीटें शामिल हैं। इसी तरह, ट्यूबवेल इंजीनियरिंग में 34 सीटें, इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल में 27, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग में 22 और टूल इंजीनियरिंग में 18 सीटें शेष हैं। इलेक्ट्रोनिक्स में 14, ऑटोमोबाइल, पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग और पावर प्लांट में 10-10 सीटें खाली हैं। सीटी में 7 और सिविल, इलेक्ट्रिकल तथा प्रोडक्शन ब्रांच में 5 से 6 सीटें बची हैं। इन बची हुई सीटों पर भी जल्द ही काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत योग्य अभ्यर्थियों को प्रवेश मिलने की उम्मीद है।
- Hindi News - Local - Uttar pradesh - Prayagraj - IERT Prayagraj Counseling Update | Engineering Seats Status & Details आईईआरटी काउंसलिंग: सामान्य-ओबीसी बालक वर्ग की सीटें फुल:अब दिव्यांग, सैनिक व एससी-एसटी वर्ग की कुछ सीटें ही शेष - कॉपी लिंक इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड रूरल टेक्नोलॉजी (आईईआरटी) के 13 इंजीनियरिंग कोर्सेज में दाखिले के लिए चल रही काउंसलिंग प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है। शुक्रवार को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सामान्य और ओबीसी बालक वर्ग की सभी सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं। बालिका वर्ग में भी अधिकांश सीटों पर प्रवेश मिल चुका है। संस्थान की कुल 975 इंजीनियरिंग सीटों में से अब तक 767 सीटों पर प्रवेश हो चुका है। अब केवल 208 सीटें ही शेष बची हैं। इनमें मुख्य रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), दिव्यांग और मिलिट्री वार्ड (MW) जैसी उप-श्रेणियों की सीटें शामिल हैं। प्रवेश परीक्षा का परिणाम 7 जुलाई को घोषित किया गया था, जिसके बाद 25 जुलाई से काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हुई थी। इस प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश की स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। शाखावार सीटों की बात करें तो प्लास्टिक टेक्नोलॉजी में सर्वाधिक 39 सीटें खाली हैं। इनमें सामान्य बालिका वर्ग की 5, ईडब्ल्यूएस की 8, ओबीसी की 4 और एससी वर्ग की 11 सीटें शामिल हैं। इसी तरह, ट्यूबवेल इंजीनियरिंग में 34 सीटें, इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल में 27, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग में 22 और टूल इंजीनियरिंग में 18 सीटें शेष हैं। इलेक्ट्रोनिक्स में 14, ऑटोमोबाइल, पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग और पावर प्लांट में 10-10 सीटें खाली हैं। सीटी में 7 और सिविल, इलेक्ट्रिकल तथा प्रोडक्शन ब्रांच में 5 से 6 सीटें बची हैं। इन बची हुई सीटों पर भी जल्द ही काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत योग्य अभ्यर्थियों को प्रवेश मिलने की उम्मीद है।
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