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बिहार सरकार की पहल, पंचायत-पंचायत खुलेगी दुकान

बिहार सरकार की पहल, पंचायत-पंचायत खुलेगी दुकान

सिवान: स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की गई है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जिले की प्रत्येक...

सिवान: स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की गई है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जिले की प्रत्येक पंचायत में जीविका सुधा बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए जीविका और काम्फेड मिलकर काम करेंगे। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार का अवसर उपलब्ध कराना और सुधा के उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देना है।योजना के तहत सिवान जिले की हर पंचायत में एक-एक जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोलने की तैयारी है। इसके लिए इच्छुक महिलाओं से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 19 जुलाई निर्धारित की गई थी, जिसे बढ़ाकर अब 24 जुलाई कर दिया गया है। पात्र महिलाएं तय समय सीमा के अंदर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ ले सकती हैं।जिला परियोजना प्रबंधक करूणा शंकर ने बताया कि इस योजना का लाभ केवल जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को ही मिलेगा। इसके लिए जरूरी है कि महिला को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पहले चरण में 10 हजार रुपये की सहायता राशि मिल चुकी हो। इसके अलावा महिला द्वारा समूह से लिए गए ऋण का समय पर भुगतान किया गया होना भी जरूरी है।योजना के तहत चयनित महिला को जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोलने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। एक केंद्र खोलने में कुल 75 हजार रुपये तक का निवेश अनुमानित है। इसमें सरकार की ओर से 60 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। यह राशि दुकान की व्यवस्था, डीप फ्रीजर, कूलर, ब्रांडिंग, परिवहन सुविधा और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं लाभार्थी महिला को 15 हजार रुपये का अपना अंशदान देना होगा।अधिकारियों के अनुसार, केंद्र खोलने के लिए महिला का उसी पंचायत का निवासी होना जरूरी है, जहां वह आवेदन कर रही है। इसके अलावा दुकान के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध होनी चाहिए। दुकान महिला की अपनी हो सकती है या किराये पर भी ली जा सकती है। दुकान में स्थायी बिजली कनेक्शन होना जरूरी होगा। साथ ही ग्राहकों की सुविधा के लिए दुकान का सड़क से आसान संपर्क होना भी आवश्यक शर्तों में शामिल किया गया है।जीविका सुधा बिक्री केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में सुधा के दूध, दही, घी, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा। इससे जहां एक ओर ग्रामीण उपभोक्ताओं को आसानी से गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध होंगे, वहीं दूसरी ओर महिलाओं को नियमित आय का साधन मिलेगा।योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक महिलाएं जेएसबीके डॉट बीआरआईपीएस डॉट इन पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। आवेदन मिलने के बाद प्रखंड स्तर पर उनकी जांच की जाएगी। पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद विभाग की ओर से ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से अंतिम चयन किया जाएगा।मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत शुरू की जा रही यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने वाली मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक जीविका दीदियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर दिया जाए। सिवान की हर पंचायत में जीविका सुधा बिक्री केंद्र खुलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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