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बकस्वाहा के बेटे आयुष जैन का मुंबई में जलवा

बकस्वाहा के बेटे आयुष जैन का मुंबई में जलवा

बकस्वाहा के बेटे आयुष जैन का मुंबई में जलवा 24 जुलाई को रिलीज़ होगी 'इंद्रजाल', वीएफएक्स सुपरवाइज़र के रूप में निभाई अहम भूमिका बकस्वाहा (छतरपुर)। प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं...

बकस्वाहा के बेटे आयुष जैन का मुंबई में जलवा बकस्वाहा के बेटे आयुष जैन का मुंबई में जलवा 24 जुलाई को रिलीज़ होगी 'इंद्रजाल', वीएफएक्स सुपरवाइज़र के रूप में निभाई अहम भूमिका बकस्वाहा (छतरपुर)। प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती, यह बात एक बार फिर छतरपुर जिले के छोटे से कस्बे बकस्वाहा के होनहार युवा आयुष जैन ने साबित कर दी है। मुंबई की चकाचौंध भरी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी मेहनत, तकनीकी कौशल और रचनात्मक सोच के दम पर आयुष ने ऐसी पहचान बनाई है कि आज वे बड़े फिल्मी प्रोजेक्ट्स का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। प्रसिद्ध संगीतकार अखिलेश जैन 'अखिल' के पुत्र आयुष जैन ने विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और पोस्ट-प्रोडक्शन की दुनिया में अपनी अलग छाप छोड़ी है। उनकी विशेषज्ञता के कारण वे कई फिल्मों, वेब सीरीज़, म्यूजिक वीडियो और विज्ञापन फिल्मों में अहम तकनीकी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। करीब तीन वर्ष पहले आयुष ने मुंबई में 'क्रोमा क्रिएशन्स' की स्थापना की थी। सीमित संसाधनों के साथ शुरू हुई यह कंपनी आज पोस्ट-प्रोडक्शन के क्षेत्र में तेजी से उभरती हुई पहचान बन चुकी है। एडिटिंग, कलर ग्रेडिंग, कंपोजिटिंग, रोटोस्कोपिंग, स्क्रीन रिप्लेसमेंट, मोशन ग्राफिक्स, एनीमेशन और अत्याधुनिक वीएफएक्स तकनीकों सहित लगभग सभी प्रमुख सेवाएं कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई जा रही हैं। इतना ही नहीं, यह स्टार्टअप अनेक युवाओं को रोजगार और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देकर नए अवसर भी उपलब्ध करा रहा है। आयुष की उपलब्धियों में सबसे अहम नाम है 24 जुलाई को रिलीज़ होने वाली फिल्म 'इंद्रजाल', जिसमें उन्होंने ऑन-शूट वीएफएक्स सुपरवाइज़र के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई है। शूटिंग के दौरान विजुअल इफेक्ट्स से जुड़े तकनीकी कार्यों की निगरानी, समन्वय और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका बेहद सराहनीय रही है। फिल्म इंडस्ट्री में उनके इस योगदान की विशेष चर्चा हो रही है। यही नहीं, आने वाले समय में रिलीज़ होने वाली फिल्मों 'हार्ड डिस्क', 'जागर', 'गोष्ट सुरू होते' और 'रहस्यम' में भी आयुष जैन का तकनीकी योगदान देखने को मिलेगा, जिससे उनके बढ़ते कद का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। आयुष का सपना केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है। वे चाहते हैं कि मध्यप्रदेश और देशभर के युवाओं को वीएफएक्स एवं डिजिटल मीडिया उद्योग में विश्वस्तरीय अवसर मिलें। उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय फिल्मों और ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए काम करने के साथ भारत में एक विश्वस्तरीय वीएफएक्स स्टूडियो स्थापित करना है, जहां नई प्रतिभाओं को प्रशिक्षण और रोजगार दोनों मिल सकें। बकस्वाहा जैसे छोटे कस्बे से निकलकर मुंबई की प्रतिस्पर्धी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बनाना न केवल छतरपुर, बल्कि पूरे बुंदेलखंड और मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। आयुष जैन की सफलता इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदार हो और खुद पर विश्वास हो, तो छोटे शहरों के सपने भी बड़े पर्दे पर चमक सकते हैं।

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