बागेश्वर में निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से राजमिस्त्री की मौत, परिवार में मातम

निर्माण कार्य बना काल, करंट लगने से राजमिस्त्री की मौत से क्षेत्र में शोक
बागेश्वर : उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में निर्माण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। बिजली का करंट लगने से एक राजमिस्त्री की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि मृतक के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजमिस्त्री एक निर्माणाधीन भवन में काम कर रहा था। इसी दौरान वह किसी तरह बिजली के करंट की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि काम के दौरान लोहे की सरिया या अन्य उपकरण का संपर्क बिजली की लाइन से हो गया, जिससे उसे जोरदार करंट लगा। हादसा इतना गंभीर था कि वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ा।घटना के बाद वहां मौजूद अन्य मजदूरों ने तुरंत उसे बचाने का प्रयास किया और स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, करंट का झटका बेहद तेज था, जिसके कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन अस्पताल पहुंचे। अपने परिजन का शव देखकर परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव और आसपास के क्षेत्र में भी घटना के बाद शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। अधिकारियों ने यह भी जांच शुरू की है कि कहीं बिजली के खुले तार, अस्थायी कनेक्शन या अन्य तकनीकी लापरवाही तो हादसे का कारण नहीं बनी।श्रम सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि निर्माण स्थलों पर बिजली से जुड़े कार्यों के दौरान विशेष सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण, इंसुलेटेड दस्ताने, हेलमेट और उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। साथ ही निर्माण स्थल के पास से गुजरने वाली बिजली की लाइनों की पहले से जांच कर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाने चाहिए।स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों का पता चलेगा। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।यह घटना एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के सख्ती से पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित सुरक्षा निरीक्षण, बिजली लाइनों की जांच और श्रमिकों को सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण देकर इस प्रकार की दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
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