लाठीचार्ज पर विरोध: एससीबीए ने छात्रों की सुरक्षा मांगी जल्द।

लाठीचार्ज पर विरोध: सोमवार को मॉनसून सत्र के पहले दिन, दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के हजारों समर्थक संसद तक मार्च करने के लिए इकट्ठा हुए थे।
लाठीचार्ज पर विरोध: सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की निंदा लाठीचार्ज पर विरोध: सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद चलो मार्च के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। एसोसिएशन ने इस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की और कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया, जो कि एक लोकतांत्रिक समाज में अस्वीकार्य है। एसोसिएशन ने मांग की है कि बिना किसी पक्षपात के तत्काल जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। घायलों की सहायता की अपील एसोसिएशन के एक बयान में कहा गया है कि बेगुनाह छात्रों पर हुई बेरहमी से लाठीचार्ज के कारण कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। इसमें SCBA के सदस्यों सहित कानून की फ्रेटरनिटी के कई सदस्य भी घायल हुए हैं। एसोसिएशन ने संबंधित अधिकारियों से सभी घायलों के लिए उचित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि एसोसिएशन संवैधानिक अधिकारों, मानव गरिमा और कानून के शासन की रक्षा के प्रति अपने वादे को दोहराता है। प्रदर्शन के दौरान स्थिति लाठीचार्ज पर विरोध: सोमवार को मॉनसून सत्र के पहले दिन, दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के हजारों समर्थक संसद तक मार्च करने के लिए इकट्ठा हुए थे। पुलिस ने तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का प्रयोग किया और लाठियों का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों में अधिकतर युवा शामिल थे, जो NEET में कथित गड़बड़ियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे। इस दौरान, कई वीडियो सामने आए जिनमें पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने कहा कि इस मार्च में लगभग 50 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। अनशन और जारी प्रदर्शन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अनशन पर हैं, और उनकी मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा है। उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। CJP के प्रमुख अभिजीत दीपके ने वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि विरोध प्रदर्शन मंत्री के इस्तीफे तक जारी रहेगा। जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसमें दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से युवा बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। Read This Also:- अभिषेक बनर्जी ने भेजा 10 करोड़ का कानूनी नोटिस, मानहानि आरोप
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