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सैदाबाद स्कूल विवाद: बंदी संजय कुमार ने की सख्त कार्रवाई की मांग

सैदाबाद स्कूल विवाद: बंदी संजय कुमार ने की सख्त कार्रवाई की मांग

हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के सैदाबाद स्थित एक स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्रों को कथित तौर पर धार्मिक विषयों से जुड़ा होमवर्क दिए जाने का मामला अब राजनीतिक रंग पकड़ता जा रहा है। इस विवाद...

हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के सैदाबाद स्थित एक स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्रों को कथित तौर पर धार्मिक विषयों से जुड़ा होमवर्क दिए जाने का मामला अब राजनीतिक रंग पकड़ता जा रहा है। इस विवाद को लेकर केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने गुरुवार को स्कूल प्रबंधन पर तीखा हमला बोला और मामले में तत्काल एवं कड़ी कार्रवाई की मांग की।केंद्रीय मंत्री ने अपने कार्यालय की ओर से जारी बयान में आरोप लगाया कि छात्रों को 'कलमा' और 'सूरह फातिहा' से संबंधित होमवर्क दिया गया, जिसे उन्होंने हिंदू संस्कृति पर "जबरदस्ती हमला" करार दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं शिक्षा संस्थानों में नहीं होनी चाहिए और सरकार को मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।स्कूल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोपबंदी संजय कुमार ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों पर किसी भी प्रकार की धार्मिक शिक्षा या अभ्यास को जबरन थोपना स्वीकार्य नहीं हो सकता।उन्होंने अपने बयान में कहा कि छात्रों को धार्मिक पाठ पढ़ने या याद करने का निर्देश देना शिक्षा व्यवस्था की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।"हिंदू संस्कृति पर हमला" बतायाकेंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि इस प्रकार की घटनाएं हिंदू संस्कृति पर दबाव बनाने का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखनी चाहिए।उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जो संगठन स्वयं को धर्मनिरपेक्ष बताते हैं, वे इस मामले पर चुप क्यों हैं। उनके अनुसार, यदि किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला सामने आता है, तो सभी को समान रूप से प्रतिक्रिया देनी चाहिए।तत्काल कार्रवाई की मांगबंदी संजय कुमार ने राज्य सरकार और प्रशासन से अपील की कि मामले की तत्काल जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की घटनाओं को समय रहते नहीं रोका गया, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं अन्य स्थानों पर भी देखने को मिल सकती हैं। इसलिए प्रशासन को बिना किसी देरी के आवश्यक कदम उठाने चाहिए।पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवालकेंद्रीय मंत्री ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि इस मामले में अधिकारियों की प्रतिक्रिया स्पष्ट और प्रभावी दिखाई नहीं दे रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन को ऐसे मामलों में निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए ताकि लोगों का कानून व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।ऑटो चालक का भी किया उल्लेखअपने बयान में बंदी संजय कुमार ने भरत नाम के एक ऑटो चालक का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि ऑटो चालक को उसकी गाड़ी पर लिखे एक संदेश को लेकर कथित रूप से पुलिस और एआईएमआईएम (AIMIM) के एक नेता द्वारा परेशान किया गया।उन्होंने कहा कि यदि किसी नागरिक के साथ केवल उसकी अभिव्यक्ति के कारण ऐसा व्यवहार किया जाता है, तो यह चिंता का विषय है। हालांकि, इस मामले में संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।जांच जारीस्कूल में कथित धार्मिक होमवर्क दिए जाने के मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रों को वास्तव में किस प्रकार का होमवर्क दिया गया था और क्या इसमें किसी नियम का उल्लंघन हुआ है।शिक्षा संस्थानों में निष्पक्ष माहौल की जरूरतशिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल ऐसे स्थान होने चाहिए जहां सभी धर्मों और समुदायों के छात्रों को समान वातावरण मिले। किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए विद्यालयों को निर्धारित शैक्षणिक पाठ्यक्रम और नियमों का पालन करना चाहिए।फिलहाल, सैदाबाद स्कूल से जुड़ा यह मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर केंद्रीय मंत्री ने सख्त कार्रवाई की मांग की है, वहीं प्रशासन मामले की जांच में जुटा है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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