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Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: MP के 10.54 लाख किसानों को मिलेगी पीएम फसल बीमा योजना की राशि, सीएम मोहन यादव 19 जुलाई को जगदीशपुर से करेंगे जारी

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: MP के 10.54 लाख किसानों को मिलेगी पीएम फसल बीमा योजना की राशि, सीएम मोहन यादव 19 जुलाई को जगदीशपुर से करेंगे जारी

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 19 जुलाई को भोपाल जिले के जगदीशपुर से 10.54 लाख किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि 1460.25 करोड़ ट्रांसफर करेंगे। इसी दिन जगदीशपुर में कैबिनेट की बैठक होगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 2024-25 तक 30,942.34 करोड़ रुपये का भुगतान प्रभावित किसानों को किया गया है। फसल खराब होने पर किसानों को मुआवजा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी और महत्वपूर्ण योजना है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति होने पर कृषकों को बीमा दावा भुगतान कर उनके वित्तीय हितों की रक्षा करना ही इस योजना का उद्देश्य है। किसानों के साथ खड़ी राज्य सरकार मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस बार अल-नीनो प्रभाव के कारण अच्छे मानसून का अनुमान नहीं है। ऐसी स्थिति में किसान भाई अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा निर्धारित तारीख से पहले करवा लें, ताकि उपज में हानि होने पर वित्तीय सहायता प्राप्त हो सके। मध्यप्रदेश सरकार हर परिस्थिति में कृषकों के साथ है और कृषकों के हित के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। फसल खराब होने पर किसानों के नुकसान की होगी भरपाई जगदीशपुर में कैबिनेट की बैठक में पेश होंगे अहम विधेयक भोपाल में रविवार, 19 जुलाई को पहली बार जगदीशपुर (पूर्व में इस्लाम नगर) में होने वाली कैबिनेट की बैठक में सरकार शिक्षा से जुड़े दो महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी देने जा रही है। बताया जा रहा है कि इन विधेयकों को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हरी झंडी दे दी है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद ये विधेयक कानून बनाने के लिए विधानसभा के 20 जुलाई से शुरू होने जा रहे मानसून सत्र में पेश किए जाएंगे। कोचिंग इंस्टीट्यूट में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर रोक लगेगी मध्य प्रदेश सरकार निजी कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए विधानसभा के मानसून सत्र में एक महत्वपूर्ण विधेयक निजी कोचिंग संस्थान (रजिस्ट्रेशन एवं विनियमन) विधेयक, 2026 ला रही है। इस विधेयक के पास होने के बाद प्रदेश में 16 वर्ष से कम उम्र के स्कूली बच्चों के कोचिंग में एडमिशन पर कानूनी रूप से रोक लग जाएगी। यानी स्कूल में 10 वीं क्लास तक पढ़ने वाले बच्चे इंजीनियरिंग और मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए जेईई और नीट यूजी जैसे टेस्क में पास होने के लिए कोचिंग इंस्टीट्यूट जॉइन नहीं कर पाएंगे। कोचिंग के लुभावने विज्ञापन नहीं दे पाएंगे संचालक प्रदेश में कोचिंग इंस्टीट्यूट के संचालन के लिए पहले अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके अलावा कोचिंग संचालक स्टूडेंट को लुभाने के लिए कोई भ्रामक विज्ञापन भी जारी नहीं कर पाएंगे। यदि कोई संचालक ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ नए कानून के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बीच में कोचिंग छोड़ने पर लौटानी होगी फीस नए विधेयक में यह प्रावधान भी किया गया हा कि यदि किसी कोचिंग से कोई स्टूडेंट बीच में पढ़ाई छोड़ता है तो उसे या उसके अभिभावकों को 10 दिन के अंदर प्रोरेटा-बेसिस यानी यथानुपात के आधार पर बाकी फीस रिफंड करनी होगी। ये खबर भी पढ़ें: आधा मध्यप्रदेश सूखा, आधे में हल्की बारिश, पिछले 24 घंटे में टीकमगढ़ और बालाघाट में सबसे ज्यादा बरसा पानी, 22 जुलाई से पूरे प्रदेश में रेन अलर्ट प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलना होगा आसान सरकार शिक्षा से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण विधेयक-मप्र निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक) विधानसभा के सत्र में पेश करने जा रही है। इसके कानून बनने के बाद प्रदेश में प्रायवेट यूनिवर्सिटी खोलना आसान हो जाएगा। इसके लिए सरकार प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलने के लिए कम से कम 25 एकड़ जमीन होने की अनिवार्यता खत्म करने जा रही है कानून में 25 एकड़ जमीन की अनिवार्यता के स्थान पर ‘पर्याप्त जमीन होना’ शब्द जोड़ा जा रहा है। नए कानून के तहत अब किसी मल्टी स्टोरी प्रायवेट कॉम्प्लेक्स में भी निजी यूनिवर्सिटी खोली जा सकेगी। शहरी क्षेत्र में शुरू की जा सकेंगी यूनिवर्सिटी उल्लेखनीय है कि देश के कई राज्यों के बड़े शहरों में दो से पांच एकड़ जमीन होने पर भी प्रायवेट यूनिवर्सिटी खोली गईं हैं। इसी अवधारणा को अब मध्य प्रदेश में भी लागू किया जा रहा है। नया कानून पास हो जाने के बाद प्रदेश में कोई भी शहरी उच्च शिक्षा संस्थान या समिति शहर के अंदर या सीमा के पास भी निजी यूनिवर्सिटी खोल सकेगी।

"Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 19 जुलाई को भोपाल जिले के जगदीशपुर से 10.54 लाख किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि 1460.25 करोड़ ट्रांसफर करेंगे। इसी दिन जगदीशपुर में कैबिनेट की बैठक होगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 2024-25 तक 30,942.34 करोड़ रुपये का भुगतान प्रभावित किसानों को किया गया है।Advertisment बंसल न्यूज़ को भरोसेमंद स्रोत के रूप में जोड़ें फसल खराब होने पर किसानों को मुआवजा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी और महत्वपूर्ण योजना है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति होने पर कृषकों को बीमा दावा भुगतान कर उनके वित्तीय हितों की रक्षा करना ही इस योजना का उद्देश्य है। किसानों के साथ खड़ी राज्य सरकार मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस बार अल-नीनो प्रभाव के कारण अच्छे मानसून का अनुमान नहीं है। ऐसी स्थिति में किसान भाई अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा निर्धारित तारीख से पहले करवा लें, ताकि उपज में हानि होने पर वित्तीय सहायता प्राप्त हो सके। मध्यप्रदेश सरकार हर परिस्थिति में कृषकों के साथ है और कृषकों के हित के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। फसल खराब होने पर किसानों के नुकसान की होगी भरपाई जगदीशपुर में कैबिनेट की बैठक में पेश होंगे अहम विधेयक भोपाल में रविवार, 19 जुलाई को पहली बार जगदीशपुर (पूर्व में इस्लाम नगर) में होने वाली कैबिनेट की बैठक में सरकार शिक्षा से जुड़े दो महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी देने जा रही है। बताया जा रहा है कि इन विधेयकों को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हरी झंडी दे दी है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद ये विधेयक कानून बनाने के लिए विधानसभा के 20 जुलाई से शुरू होने जा रहे मानसून सत्र में पेश किए जाएंगे। कोचिंग इंस्टीट्यूट में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर रोक लगेगी मध्य प्रदेश सरकार निजी कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए विधानसभा के मानसून सत्र में एक महत्वपूर्ण विधेयक निजी कोचिंग संस्थान (रजिस्ट्रेशन एवं विनियमन) विधेयक, 2026 ला रही है। इस विधेयक के पास होने के बाद प्रदेश में 16 वर्ष से कम उम्र के स्कूली बच्चों के कोचिंग में एडमिशन पर कानूनी रूप से रोक लग जाएगी। यानी स्कूल में 10 वीं क्लास तक पढ़ने वाले बच्चे इंजीनियरिंग और मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए जेईई और नीट यूजी जैसे टेस्क में पास होने के लिए कोचिंग इंस्टीट्यूट जॉइन नहीं कर पाएंगे। कोचिंग के लुभावने विज्ञापन नहीं दे पाएंगे संचालक प्रदेश में कोचिंग इंस्टीट्यूट के संचालन के लिए पहले अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके अलावा कोचिंग संचालक स्टूडेंट को लुभाने के लिए कोई भ्रामक विज्ञापन भी जारी नहीं कर पाएंगे। यदि कोई संचालक ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ नए कानून के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बीच में कोचिंग छोड़ने पर लौटानी होगी फीस नए विधेयक में यह प्रावधान भी किया गया हा कि यदि किसी कोचिंग से कोई स्टूडेंट बीच में पढ़ाई छोड़ता है तो उसे या उसके अभिभावकों को 10 दिन के अंदर प्रोरेटा-बेसिस यानी यथानुपात के आधार पर बाकी फीस रिफंड करनी होगी। ये खबर भी पढ़ें: आधा मध्यप्रदेश सूखा, आधे में हल्की बारिश, पिछले 24 घंटे में टीकमगढ़ और बालाघाट में सबसे ज्यादा बरसा पानी, 22 जुलाई से पूरे प्रदेश में रेन अलर्ट प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलना होगा आसान सरकार शिक्षा से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण विधेयक-मप्र निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक) विधानसभा के सत्र में पेश करने जा रही है। इसके कानून बनने के बाद प्रदेश में प्रायवेट यूनिवर्सिटी खोलना आसान हो जाएगा। इसके लिए सरकार प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलने के लिए कम से कम 25 एकड़ जमीन होने की अनिवार्यता खत्म करने जा रही है कानून में 25 एकड़ जमीन की अनिवार्यता के स्थान पर "पर्याप्त जमीन होना" शब्द जोड़ा जा रहा है। नए कानून के तहत अब किसी मल्टी स्टोरी प्रायवेट कॉम्प्लेक्स में भी निजी यूनिवर्सिटी खोली जा सकेगी। शहरी क्षेत्र में शुरू की जा सकेंगी यूनिवर्सिटी उल्लेखनीय है कि देश के कई राज्यों के बड़े शहरों में दो से पांच एकड़ जमीन होने पर भी प्रायवेट यूनिवर्सिटी खोली गईं हैं। इसी अवधारणा को अब मध्य प्रदेश में भी लागू किया जा रहा है। नया कानून पास हो जाने के बाद प्रदेश में कोई भी शहरी उच्च शिक्षा संस्थान या समिति शहर के अंदर या सीमा के पास भी निजी यूनिवर्सिटी खोल सकेगी।"

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