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Railway Insurance Cover: ऑनलाइन टिकट वालों जैसी सुविधा अब काउंटर पर भी? सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे को लेकर दिया आदेश

Railway Insurance Cover: ऑनलाइन टिकट वालों जैसी सुविधा अब काउंटर पर भी? सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे को लेकर दिया आदेश

SC on Railway Insurance Cover: भारतीय रेलवे से सफर करने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन टिकट और यात्रा बीमा से जुड़ी अहम खबर सामने आई है. बुधवार 14 अक्टूबर 2026 को ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों को मिलने वाली बीमा सुविधा और रेलवे रिजर्वेशन काउंटर से टिकट खरीदने वालों के बीच अंतर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला उठा है. जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने ऑफलाइन टिकट लेने वाले यात्रियों को भी बीमा कवर उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर निर्देश दिए हैं. क्या है सुप्रीम कोर्ट का निर्देश? मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे को काउंटर से बुक किए जाने वाले आरक्षित टिकटों पर भी यात्रा बीमा की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाने को कहा है. दी गई जानकारी के मुताबिक, इस व्यवस्था को 27 अक्टूबर से लागू करने की बात कही गई है. हालांकि, आदेश की सटीक शर्तों और लागू होने की तारीख की पुष्टि आधिकारिक आदेश से करना जरूरी है. ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट में क्या है अंतर? IRCTC के जरिए ऑनलाइन आरक्षित टिकट बुक करते समय पात्र यात्रियों को यात्रा बीमा का विकल्प मिलता है. इसके विपरीत, काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों के लिए ऐसी सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अलग हो सकती है. ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग, बुजुर्ग और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल नहीं करने वाले यात्री अक्सर रेलवे काउंटर पर निर्भर रहते हैं. रेलवे को क्या करना होगा? इस सिस्टम को लागू करने के लिए, रेलवे को शायद अपने पैसेंजर रिज़र्वेशन सिस्टम (PRS) और टिकटिंग प्रोसेस में ज़रूरी टेक्निकल बदलाव करने होंगे. इससे टिकट बुक करते समय काउंटर पर इंश्योरेंस से जुड़ी जानकारी और ऑप्शन मिल सकेंगे. एक्सीडेंट होने पर कितना इंश्योरेंस मिलेगा? ट्रैवल इंश्योरेंस का अमाउंट और क्लेम की शर्तें पॉलिसी पर निर्भर करती हैं. इसलिए, यह मानना गलत होगा कि हर काउंटर टिकट होल्डर को अपने आप एक तय अमाउंट मिल जाएगा. एलिजिबिलिटी, इंश्योरेंस का लागू होना, और एक्सीडेंट होने पर पेमेंट की रकम ऑफिशियल नियमों के हिसाब से तय की जाएगी. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का मकसद रेलवे पैसेंजर के लिए इंश्योरेंस कवरेज को और एक जैसा बनाना है. आखिरी व्यवस्था और उसकी शर्तों के लिए, रेलवे और कोर्ट से ऑफिशियल नोटिफिकेशन देखना ज़रूरी होगा.

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