Ranchi Climate Summit 2026 रांची: जलवायु समिट में सरायकेला की छऊ बनी आकर्षण का केंद्र, रांची में संस्कृति और पर्यावरण का दिखा अनूठा संगम

रांची: जलवायु परिवर्तन, न्यायपूर्ण ऊर्जा संक्रमण और हरित भविष्य जैसे गंभीर विषयों पर मंथन के बीच सरायकेला की विश्वविख्यात छऊ नृत्य ने रांची में आयोजित “सारथी जलवायु अखाड़ा. रेजिलियेंट झारखंड समिट-2026” में अपनी शानदार प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया. ऑड्रे हाउस में आयोजित इस सम्मेलन में जहां विशेषज्ञों ने जलवायु संकट के समाधान [...] The post Ranchi Climate Summit 2026 रांची: जलवायु समिट में सरायकेला की छऊ बनी आकर्षण का केंद्र, रांची में संस्कृति और पर्यावरण का दिखा अनूठा संगम appeared first on India News Viral .
रांची: जलवायु परिवर्तन, न्यायपूर्ण ऊर्जा संक्रमण और हरित भविष्य जैसे गंभीर विषयों पर मंथन के बीच सरायकेला की विश्वविख्यात छऊ नृत्य ने रांची में आयोजित “सारथी जलवायु अखाड़ा. रेजिलियेंट झारखंड समिट-2026” में अपनी शानदार प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया. ऑड्रे हाउस में आयोजित इस सम्मेलन में जहां विशेषज्ञों ने जलवायु संकट के समाधान पर विचार-विमर्श किया, वहीं राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया. जलवायु परिवर्तन और हरित विकास पर हुआ व्यापक मंथन सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, जनप्रतिनिधियों, पर्यावरण विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस दौरान जलवायु अनुकूल विकास, न्यायपूर्ण ऊर्जा संक्रमण, हरित रोजगार, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, स्थानीय नवाचार, सामुदायिक भागीदारी और सतत विकास जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई. वक्ताओं ने कहा कि जलवायु परिवर्तन केवल पर्यावरण का विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध आजीविका, कृषि, जल, स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी है. उन्होंने स्थानीय समुदायों की भागीदारी और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया. छऊ नृत्य ने लूटी महफिल सम्मेलन का सबसे आकर्षक क्षण तब आया, जब राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र, सरायकेला के कलाकारों ने मंच पर हर- पार्वती, मयूर और रात्रि नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं. पारंपरिक वेशभूषा, जीवंत अभिनय, लयबद्ध नृत्य और पारंपरिक संगीत ने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया. प्रस्तुति समाप्त होते ही सभागार देर तक तालियों की गूंज से गूंजता रहा. उपस्थित अतिथियों ने इसे सम्मेलन की सबसे यादगार प्रस्तुतियों में से एक बताया. छऊ नृत्य दल में गुरु ब्रजेंद्र पटनायक, समन्वयक सुदीप कबी, भोला महंती, गुरु सुधांशु शेखर पानी, अविनाश कबी, संतोष कर, बिनोद प्रधान, ठाकुर सरदार, पूर्ण सरदार, गोपाल पटनायक, अनिल पटनायक, राजेश गोप, गणेश महंती, सिद्धू दरोगा, देवनारायण सिंह, नीरज पटनायक तथा पंकज साहू शामिल थे. संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश सम्मेलन में यह संदेश उभरकर सामने आया कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती का समाधान केवल नीतियों और तकनीक से नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, जनभागीदारी और पारंपरिक ज्ञान के समन्वय से भी संभव है. छऊ नृत्य की प्रस्तुति ने यह साबित किया कि झारखंड की सांस्कृतिक विरासत पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के संदेश को प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचाने की क्षमता रखती है. इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि जब नीति, प्रकृति और संस्कृति एक मंच पर साथ आते हैं, तब विकास की दिशा अधिक संवेदनशील, समावेशी और टिकाऊ बनती है. प्रमोद सिंह (संपादक) The post Ranchi Climate Summit 2026 रांची: जलवायु समिट में सरायकेला की छऊ बनी आकर्षण का केंद्र, रांची में संस्कृति और पर्यावरण का दिखा अनूठा संगम appeared first on India News Viral .
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