सूरत : SGCCI की पहल रंग लाई, केंद्र ने नेट मीटरिंग और ओपन एक्सेस सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए ALMM छूट की अवधि बढ़ाई

सूरत: द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) के अध्यक्ष अशोक जीरावाला के नेतृत्व में नई दिल्ली में किए गए प्रभावी प्रस्तुतीकरण और मंत्रालय स्तर पर हुई बैठकों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने सोलर उद्योग को बड़ी राहत देते हुए नेट मीटरिंग और ओपन एक्सेस सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए एएलएमएम (Approved List of Models and Manufacturers) से छूट की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय एसजीसीसीआई के प्रतिनिधिमंडल द्वारा 8 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में एमएनआरई के सचिव के साथ हुई बैठक के ...
सूरत : SGCCI की पहल रंग लाई, केंद्र ने नेट मीटरिंग और ओपन एक्सेस सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए ALMM छूट की अवधि बढ़ाई अशोक जीरावाला के नई दिल्ली में किए गए प्रस्तुतीकरण के बाद एमएनआरई का बड़ा फैसला, 31 दिसंबर 2026 तक मिली राहत सूरत: द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) के अध्यक्ष अशोक जीरावाला के नेतृत्व में नई दिल्ली में किए गए प्रभावी प्रस्तुतीकरण और मंत्रालय स्तर पर हुई बैठकों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने सोलर उद्योग को बड़ी राहत देते हुए नेट मीटरिंग और ओपन एक्सेस सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए एएलएमएम (Approved List of Models and Manufacturers) से छूट की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय एसजीसीसीआई के प्रतिनिधिमंडल द्वारा 8 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में एमएनआरई के सचिव के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया। बैठक में नेट मीटरिंग और ओपन एक्सेस सोलर परियोजनाओं में एएलएमएम सूची-1 (सोलर पीवी मॉड्यूल) तथा एएलएमएम सूची-2 (सोलर पीवी सेल) के अनिवार्य उपयोग से उद्योग जगत के सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं और परियोजनाओं में हो रही देरी को विस्तार से रखा गया था। एसजीसीसीआई की ओर से किए गए प्रतिनिधित्व और उद्योग जगत के विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद 18 जुलाई 2026 को एमएनआरई ने ऑफिस मेमोरेंडम (No. 283/53/2026-GRID SOLAR) जारी कर राहत संबंधी आदेश जारी किए। फैसले की प्रमुख बातें नेट मीटरिंग और ओपन एक्सेस श्रेणी की सभी पात्र नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को एएलएमएम सूची-1 और सूची-2 की अनिवार्यता से छूट मिलेगी, बशर्ते वे 31 दिसंबर 2026 तक चालू हो जाएं। इससे पहले यह छूट केवल 31 मई 2026 तक ही लागू थी। जिन परियोजनाओं में पहले ही निवेश किया जा चुका है, वे अब एएलएमएम सूची-2 के कड़े प्रावधानों के कारण रुकने के बजाय निर्धारित समय में पूरी की जा सकेंगी एसजीसीसीआई अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि आयातित मॉड्यूलों के लिए एएलएमएम छूट की अवधि बढ़ाना दक्षिण गुजरात ही नहीं बल्कि पूरे देश के सोलर उद्योग के लिए ऐतिहासिक और राहतभरा फैसला है। उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि एएलएमएम नियमों के कारण कई परियोजनाएं विलंबित हो रही थीं और लागत भी बढ़ रही थी। उन्होंने इसके लिए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा विशेष रूप से मंत्रालय के सचिव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंत्रालय ने उद्योग की वास्तविक समस्याओं को समझते हुए समय पर सकारात्मक निर्णय लिया है। एसजीसीसीआई ने सभी सोलर प्रोजेक्ट डेवलपर्स और उद्यमियों से अपील की है कि वे 31 दिसंबर 2026 तक की बढ़ी हुई समय-सीमा का लाभ उठाकर अपनी नेट मीटरिंग और ओपन एक्सेस परियोजनाओं को समय पर पूरा करें, ताकि इस छूट का अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सके।
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