Stock market का आउटलुक मजबूत, सेंसेक्स में तेजी के संकेत

Mumbai मुंबई : भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला समय बेहतर रहने की उम्मीद जताई जा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू और वैश्विक परिस्थितियों में सुधार के चलते सेंसेक्स इस साल के अंत तक 84,000 के...
Mumbai मुंबई : भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला समय बेहतर रहने की उम्मीद जताई जा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू और वैश्विक परिस्थितियों में सुधार के चलते सेंसेक्स इस साल के अंत तक 84,000 के स्तर तक पहुंच सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, घरेलू बाजार में मजबूत खपत और कंपनियों की आय से जुड़े जोखिम कम होने को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।एचएसबीसी ब्रोकरेज की रिपोर्ट में भारतीय इक्विटी बाजार के आउटलुक को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में भारतीय शेयर बाजार के लिए व्यापक आर्थिक माहौल में काफी सुधार देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार को मजबूती देने का काम किया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की कीमतें उम्मीद से अधिक तेजी से संघर्ष से पहले के स्तरों पर लौट आई हैं। इससे कंपनियों के मार्जिन पर पड़ने वाला दबाव कम हुआ है। खासतौर पर तेल आयात पर निर्भर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कम कीमतें राहत देने वाली साबित हो सकती हैं। इससे कंपनियों की लागत कम हो सकती है और उनकी आय में सुधार की संभावना बढ़ सकती है।एचएसबीसी के अनुसार, पहले कंपनियों की कमाई को लेकर जिस तरह की चिंता जताई जा रही थी, उसमें अब कमी आई है। तेल की कीमतों में गिरावट और घरेलू खपत में मजबूती के कारण आय से जुड़े अनुमानों में बड़े स्तर पर कटौती की संभावना कम हुई है।रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय शेयर बाजार में वैल्यूएशन अब पहले की तुलना में सामान्य स्तर पर आ गए हैं। ऊर्जा की कम कीमतों और मजबूत घरेलू मांग के चलते कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद है। खासतौर पर उपभोक्ता आधारित क्षेत्रों को इसका लाभ मिल सकता है।हालांकि, रिपोर्ट में कुछ जोखिमों का भी जिक्र किया गया है। ब्रोकरेज का कहना है कि हाल के महीनों में हुई भारी खरीदारी के बाद आने वाले समय में खपत की रफ्तार कुछ धीमी हो सकती है। इसके अलावा, अल नीनो की स्थिति ग्रामीण मांग के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। यदि मौसम संबंधी परिस्थितियां प्रतिकूल रहती हैं तो इसका असर कृषि उत्पादन और ग्रामीण आय पर पड़ सकता है।एचएसबीसी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए कंपनियों की आय वृद्धि के अनुमान में भी बदलाव किया है। रिपोर्ट के अनुसार, कमोडिटी को छोड़कर कंपनियों की कमाई में वृद्धि का अनुमान पहले 18 प्रतिशत लगाया गया था, जिसे अब घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि इसमें और कटौती की संभावना बनी हुई है।बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार को आगे बढ़ाने में घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी, अर्थव्यवस्था की स्थिर रफ्तार और कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन की अहम भूमिका रहेगी। वहीं, वैश्विक बाजारों में स्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं।सेंसेक्स के 84,000 तक पहुंचने का अनुमान निवेशकों के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में निवेश करते समय वैश्विक घटनाक्रम, महंगाई, ब्याज दरों और कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर रखना जरूरी होगा।कुल मिलाकर, भारतीय शेयर बाजार के लिए मौजूदा संकेत सकारात्मक दिखाई दे रहे हैं। कमोडिटी कीमतों में राहत, मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक सुधारों के चलते बाजार में आगे भी तेजी की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, निवेशकों को जोखिमों को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर निवेश निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।
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