Una News: पिता कहते रहे...बेटा ग्राउंड प्रैक्टिस करने गया है, अभी घर आएगा

His father kept saying... "My son has gone to the ground for practice; he'll be home soon."
पिता कहते रहे...बेटा ग्राउंड प्रैक्टिस करने गया है, अभी घर आएगालोगों ने नम आंखों से दी सक्षम और चचेरी बहन नेहा को अंतिम विदाईपंजोआ सड़क हादसे के बाद गम में डूबा अकरोट गांव संवाद न्यूज एजेंसी बडूही (ऊना)। उपमंडल अंब के तहत पंजोआ में हुए सड़क हादसे के बाद बेहद जसवां पंचायत का अकरोट गांव मातम में डूबा हुआ है। शुक्रवार को हुए इस हादसे में 18 वर्षीय सक्षम ठाकुर और उसकी चचेरी बहन नेहा राणा की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। शनिवार को दोनों का अंतिम संस्कार नम आंखों के साथ किया गया, जहां सैकड़ों ग्रामीण, रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। शुक्रवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही दोनों के शव उनके घर पहुंचे, पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। मृतक सक्षम ठाकुर और नेहा राणा के दोस्तों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। अपने साथियों को हमेशा के लिए खो देने का दर्द उनके चेहरों पर साफ दिखाई दे रहा था।सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब देखने को मिला जब सक्षम ठाकुर के पिता बार-बार यही कहते रहे, मेरा बेटा ग्राउंड में प्रैक्टिस करने गया है, अभी घर आएगा। फिर हम सब साथ बैठकर खाना खाएंगे और उसके बाद सो जाएंगे। यह शब्द सुनकर वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश करता रहा लेकिन इस असहनीय दुख के सामने सांत्वना के शब्द भी छोटे पड़ गए। शनिवार सुबह अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवारों को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।गौरतलब है कि शुक्रवार को पंजोआ के समीप बाइक सवार सक्षम ठाकुर और नेहा राणा एक महिला से टकराने के बाद उनकी बाइक पेड़ से जा टकराई थी। हादसे में सक्षम की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल नेहा राणा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में घायल महिला सुमन देवी का उपचार जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जिन घरों में कुछ घंटे पहले तक बच्चों की हंसी गूंजती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। अकरोट गांव के लोग आज भी इस दर्दनाक घटना को याद कर स्तब्ध हैं और हर जुबान पर यही सवाल है कि आखिर इतनी कम उम्र में दो जिंदगियां इस तरह क्यों छिन गईं।
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